Police collusion with the perpetrators of rape and murder of a minor girl from the Nishad community (WSS Investigation Report)

आप बताना दीदी, मैं गलत बोल रही हूँ क्यागरीब की बेटी की इज्ज़त नहीं होती क्या!

“You tell me, sister, I am saying anything wrong … doesn’t the daughter of a poor person not have any not respect?”

We reached Gurmandi, about 10 km from the heart of New Delhi’s Connaught Place, at about 5.15 pm on 22 October, 2020. We were there to learn more about about the seventeen year old Dalit girl who was allegedly raped and murdered by her employer in Model Town on October 4. We turned into a narrow lane, and her house was upstairs, in a building at the end of the lane – just one room.

Her aunt, her mother’s younger sister, was settling the room after visitors had left, when we arrived. In the course of conversation, we discovered that she had not even had time to eat – she had returned from work and there were visitors, and we were there and she was trying to make us feel at home. This endless stream of visitors had become routine, since October 16. The girl’s older aunt lived not far away, and had also arrived to meet us.

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रेप-मर्डर केस में नाबालिग निषाद पीड़िता के साथ अन्याय, दोषियों का बचाव और पुलिस की साझेदारी – (WSS फैक्ट्फाइन्डिंग रिपोर्ट)

आप बताना दीदी, मैं गलत बोल रही हूँ क्यागरीब की बेटी की इज्ज़त नहीं होती क्या!

शाम के लगभग 5.15 पर हम गुड़मंडी में चौधरी चौक से होते हुए कुछ संकरी गलियों में घुसे। ऐसी ही एक गली में हम अंत के एक मक़ान में गए, सीढ़ियाँ चढ़ते ही उल्टे हाथ पर प्लास्टर किया हुआ एक कमरा था- मॉडल टाउन में काम करने वाली 17 साल की नाबालिग लड़की का, जिसका 4 अक्टूबर 2020 को कथित तौर पर बलात्कार और मर्डर हुआ है।

कमरे में उसकी छोटी मौसी थी, चूल्हे के पास खड़ी थी। और हमसे 3 मिनट पहले जो लोग मिलकर गए, उनके जाने पर कमरा सही कर रही थी, हमारे आते ही हमारी खातिरदारी में लग गई। बातों-बातों में पता चला कि उन्होनें सुबह से खाना भी नहीं खाया था, काम से लौट कर लोगों से बातचीत में ही लगी रह गई। 16 अक्टूबर से यह उनका रोज़ का रूटीन हो गया है। बड़ी मौसी, जो 3 गली छोड़ कर रहती हैं, वो भी वहीं आ गई थी।

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डॉक्‍टर राजकुमारी बंसल के समर्थन में प्रेस विज्ञप्ति

हाथरस में दलित लड़की के साथ हुई बलात्कार की घटना व उसकी जघन्य हत्या के बाद, पीड़ित परिवार के साथ डॉक्टर राजकुमारी बंसल जिस निर्भीकता और साहस के साथ खड़ी हुईं उन पर देश भर की मीडिया ने जिस तरह की फर्ज़ी और झूठी खबरें चलाईं उसके विरोध में हम सभी सामाजिक कार्यकर्ता, प्रोफेशनल व तमाम संगठन, जो जातिगत और यौनिक हिंसा का विरोध करते हैं, डॉ. राजकुमारी बंसल के समर्थन में एकजुट हैं। उनकी निर्भीकता व मानवीय प्रयास के लिए हम उन्हें सलाम करते हैं।

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Press Release in Support of Dr. Rajkumari Bansal

Press Release in Support of Dr. Rajkumari Bansal

As activists, professionals and organisations working to fight against sexual and caste violence, we strongly condemn the fake and malicious news that is being broadcast about Dr. Rajkumari Bansal and her courageous support to the family of the victim in the recent case of rape and murder in Hathras by the various media houses in our country. We also collectively salute her courage and commitment to fight against oppression and injustice.

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बदनुमा गिरफ्तारी

यौन हिंसा तथा राज्य के दमन के विरुद्ध महिलाएं (डब्लूएसएस) फादर स्टैन स्वामि की गिरफ्तारी पर अंचभित है। फादर स्टैन स्वामि एक बुज़ुर्ग पादरी हैं जो पिछले पांच दशकों से आदिवासी मुद्दों पर काम करते रहे हैं। उन्हें 8 अक्टूबर, 2020 की रात में बदनाम भीमा कोरेगांव-एल्गार परिषद षडयंत्र प्रकरण में गिरफ्तार किया गया। एक सच्चे कार्यकर्ता और प्रतिष्ठित विद्वान की इस गिरफ्तारी की डब्लूएसएस भर्त्सना करता है और बताना चाहता है कि इस दयालु व विनम्र व्यक्ति के खिलाफ लगाए सारे आरोप हास्यास्पद हैं। हम बताना चाहते हैं कि 1 जनवरी, 2018 के दिन हुई भीमा कोरेगांव हिंसा की जांच दरअसल देश के अग्रणि मानव अधिकार कार्यकर्ताओं को सताने का एक ज़रिया बन गई है। इस जांच के दौरान 15 अन्य वकीलों, कार्यकर्ताओं, लेखकों, कवियों, बुद्धिजीवियों को इसी तरह के बेतुके आरोपों में बंदी बनाया गया है। कुछ तो दो साल से भी अधिक अवधि के लिए कारागार में बंद रहे हैं।

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